इतना कुछ नहीं चाहिए,
एक घर बना दूँ तेरे लिए,
तुझे बड़ा होता देख लूँ,
तू अपना रास्ता बना ले,
तेरी मम्मी को घर दे दूँ एक,
तेरे सपने पूरे कर दूँ,
तू कहीं इस दुनिया में अपनी जगह बना ले,
तू डर के ना रहे सारी ज़िंदगी ।
सपने कब बदल गए,
पता नहीं,
किस मोड़ पे खड़े हुए,
पता नहीं।
मेरी तो बीत गई,
तू जी ले,
तुझे महफ़ूज़ रहने के कोने बना दूँ,
तू अपने दिल के अरमाँ जी ले ।
कुछ ज़ादा सपना नहीं बचा,
तेरा बचपन देख लूँ,
थोड़ा सा अरमान बचा ।
बेटा मेरा,
दुनिया का सपना है तू,
दुनिया पे चलता हुआ,
तुझे साकार कर दूँ ।
इतना थोड़ा मोड़ा कर लूँ,
इतना थोड़ा मोड़ा काफ़ी है ।
एक घर बना दूँ तेरे लिए,
तुझे बड़ा होता देख लूँ,
तू अपना रास्ता बना ले,
तेरी मम्मी को घर दे दूँ एक,
तेरे सपने पूरे कर दूँ,
तू कहीं इस दुनिया में अपनी जगह बना ले,
तू डर के ना रहे सारी ज़िंदगी ।
सपने कब बदल गए,
पता नहीं,
किस मोड़ पे खड़े हुए,
पता नहीं।
मेरी तो बीत गई,
तू जी ले,
तुझे महफ़ूज़ रहने के कोने बना दूँ,
तू अपने दिल के अरमाँ जी ले ।
कुछ ज़ादा सपना नहीं बचा,
तेरा बचपन देख लूँ,
थोड़ा सा अरमान बचा ।
बेटा मेरा,
दुनिया का सपना है तू,
दुनिया पे चलता हुआ,
तुझे साकार कर दूँ ।
इतना थोड़ा मोड़ा कर लूँ,
इतना थोड़ा मोड़ा काफ़ी है ।
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salil
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