salil shankar

December 3, 2021

The future’s hymn

इक दिन जब आँख खुली,
दो नन्हे दाँतो के बीच थी उँगली दबी,
तीसरी शरारत जब तेरी पकड़ी,
चार दिशाएँ ठहाके लगा के हंसी ।

पाँच देव, 
छः मौसम, 
सात धरती और, 
आठ ग्रहों का आशीर्वाद ।

नौ ख़ुशियों की बात,
दस पीढ़ियों की सूझ,
ग्यारह खिलाड़ियों की बूझ,
बारह महीनो के बोल ।

आज एक साल का है,
हमारे भविष्य का श्लोक ।

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salil